वो नटखट सी , सुन्दर सी , भोली सी गुड़िया ! जैसे हो कोई जादू की पुड़िया !! उसकी मुस्कराहट किसी का दिल जीत ले , किसी को कर दे अपनी नज़रों से वशीभूत , वो सादगी , सरलता और बचपना ! वो सच से भरा दिल , और बस हमेशा कहना !! वो सागर के तरह गंभीर और चाँद सा रोशन मुखड़ा ! जब jury से हो नाराज़ तो बड़े आराम से , बयान करे अपना दुखड़ा !! कभी - कभी रहे शांत , तो कभी जी खोल के बातें करती ! आत्मविश्वास की थोड़ी कमी है उसमें , किसी काम को करने से पहले थोडा डरती !! उसके चेहरे की चमक , और जुल्फों की छाव , मुस्कुराता चेहरा और वो घबराहट की सिकन , वो निष्पक्ष और पाक दिल , बाह्य और आतंरिक सुन्दरता का बेजोड़ मेल , कभी - कभी उसका जबाब ना देना , दिल को न जाने एक प्यारी सी चोट पहुंचा जाता है ! लगता है कभी बात न करूँ उस से , पर किये बिना रहा भी नहीं जाता है !! उसका वो लम्बा सा hiiiiiiiiiiiiiii कहना ! कुछ देर बोलने के बाद , " और बस "...